मिजाज़ मेरा – हिन्दी कविता । ग़ाफ़िल
तुम गए तो सारा जहान गया जो तुम लौटे मिजाज़ मेरा वो न रहा। तुम बताओ आए तुम तो क्यो आए क्या मुझे बदल जाने के लिए या फिर से छोड़ जाने…
Read Moreये सावन भी बीत जाएगा… इंतेजार की प्रेम कविता । ग़ाफ़िल
इंतज़ार है हर बार की भांति की इस सावन में तुम आओगे और कहोगे अपने दिल की बात। मगर जैसे जैसे समय बीत रहा है लग रहा ये सावन भी बीत…
Read Moreआप का हाल कैसा है – हिन्दी कविता । ग़ाफ़िल
अक्सर लोग पूछ बैठते है कि आप का हाल कैसा है? ये सवाल सुन के सोचता हूँ लोग मुझसे पूछते है या ख़ुद को पूछे जाने के लिए पूछते है।…
Read Moreइतनी ख़ामोशी पहले कभी नहीं देखी – दर्द भरी हिंदी ग़ज़ल । ग़ाफ़िल
यह खूबसूरत हिंदी ग़ज़ल तन्हाई, दर्द और ज़िंदगी की सच्चाई को बयां करती है। पढ़िए “इतनी ख़ामोशी पहले कभी नहीं देखी” – ग़ाफ़िल की…
Read Moreये सावन लगे हमारा – प्यार की कविता । ग़ाफ़िल
बारिश, प्रेम और विरह के एहसासों को बयां करती दिल छू लेने वाली हिंदी कविता “ये सावन लगे हमारा” – सावन की रिमझिम में प्रेम की…
Read Moreदो दिन बाद होली है – हिन्दी कविता । ग़ाफ़िल
चलो गाँव चले कि दो दिन बाद होली है। शहर तो बस जीने कमाने का जरिया है असली होली तो गाँव की होली है। चलो चलते है होली के बहाने गाँव…
Read Moreपहली बार कब छुआ – प्रेम कविता । ग़ाफ़िल
प्रेम में जब हम शामिल होते है तो हर पल कुछ नया सा लगता है। पहली नज़र से लेकर पहली बार कब छुआ तक; सब जैसे मन – स्मृति में…
Read Moreरात कुंवारी है – हिन्दी कविता । ग़ाफ़िल
यह कविता उम्मीद और बेचैनी के बीच झूलते मन की कोमल अवस्था को दर्शाती है। रात की लंबाई, सब्र का टूटना और हल्की-सी मुस्कान; इन सबके…
Read Moreडरपोक मन – प्रेरणादायक हिन्दी कविता । ग़ाफ़िल
यह कविता एक डरपोक मन की दुविधा और असुरक्षा को उजागर करती है, जो दरिया में उतरने से पहले ही डूबने का डर महसूस करता है। यह रचना…
Read Moreतू तो सिर्फ मेरा है – दर्दभरी हिन्दी कविता । ग़ाफ़िल
यह कविता मोहभंग, विश्वासघात और आत्मबोध की गहरी पीड़ा को उजागर करती है, जहाँ अपना कहने वाले भी पराए हो जाते हैं और तू तो सिर्फ…
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