उसके जवाब – मेरे इज़हार की प्रेम कविता । ग़ाफ़िल
तमन्ना से भरे सादगी में लिपटे जब मैंने अपने प्रेम का इज़हार किया तो उन्होने उसके जवाब में लिखा कि – प्रेम अस्वीकृत है…
Read Moreबड़ी तबाह हुई वो नज़र – हिन्दी कविता । ग़ाफ़िल
बड़ी तबाह हुई वो नज़र; एक भावनात्मक कविता है जो जीवन की पीड़ा, उलझनों और अधूरे किस्सों की गहराई को दर्शाती है। छोटे से किस्से में…
Read Moreकोशिश जारी है – प्रेरणादायक हिन्दी कविता । ग़ाफ़िल
कई हार, कई प्रयास और मन की उलझनों के बीच कोशिश जारी है और जारी रहनी चाहिए क्योंकि यही जिंदगी जीने का असली सबब है और तरीका भी।…
Read Moreगुलाब जब खिलते है – दिल को छु लेने वाली प्रेम कविता । ग़ाफ़िल
कितनी अजीब कशमकश रहती है न जब हम नए नए जवान होते है जैसे गुलाब जब खिलते है। नई उमंग, नई चाहत और दुनिया को देखने का नया नजरिया।…
Read Moreग़ैर मुल्क के होते – प्रेम विरह की कविता । ग़ाफ़िल
हूँ… कितना आसान और कितना मुश्किल हो सकता है प्रेम में विरह। सवाल है कि ग़ैर मुल्क के होते तो, शायद संभल भी जाते, मगर तुम तो…
Read Moreतुम्हारे पास कौन । तनहाई भरी हिन्दी कविता । ग़ाफ़िल
कई सवाल मगर जवाब कुछ नहीं। अक्सर ऐसा ही होता है जब तनहाई कहती है तुम्हारे पास कौन? कई बार हम सवाल पूछते है और जवाब में क्या मिलता…
Read Moreदीवारों पर टंगी हुई – हिन्दी मार्मिक कविता । ग़ाफ़िल
जब अकेलेपन और कठिन प्रयासों के बाद सफलता मिलती है तो कुछ छीजे जेहन मे रह जाती है जैसे नज़रें टिक जाती है दीवारों पर टंगी हुई कुछ…
Read Moreचल तुझे आँखों में – प्रेम ग़ज़ल । ग़ाफ़िल
चल तुझे आँखों में उतार के देखता हूँ; एक भावनात्मक और रूमानी हिंदी ग़ज़ल है, जिसमें मोहब्बत, अपनापन और दिल की सादगी का इज़हार किया…
Read Moreख़ूबसूरत हो तुम – रोमांटिक हिन्दी कविता । ग़ाफ़िल
मैं क्या कहूँ कि क्या हो तुम – बहुत ख़ूबसूरत हो तुम। क्यों है वो इतनी खूबसूरत इस कविता में – इक चेहरे की बारीकियों…
Read Moreमगर आहिस्ते – हिन्दी प्रेम कविता । ग़ाफ़िल
मगर आहिस्ते है न ग़ाफ़िल! तुम्हें कैसे पता की मेरी इबादत, इनायत और नियत सब तुम पर फ़िदा है जो तुम कहते हो मांगों मगर – तुम…
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