लोग मुझे तलाशें
लोग मुझे तलाशें – है न कितनी बेगैरत बात, शायद स्वार्थ भी लग सकता है इस बात में। मगर लोग मुझे तलाशें – यह प्रश्न भी तो…
Read Moreहम आने को है.. हम आयेंगे.. – जीवंत हिन्दी कविता । ग़ाफ़िल
‘हम आने को है.. हम आयेंगे..’ यह रचना जीवन, प्रतीक्षा और परिवर्तन के दौर से गुजरती भावनाओं को शब्द देती है, जहाँ…
Read Moreबरसात इधर है_ दर्दभरी हिन्दी ग़ज़ल । ग़ाफ़िल
ग़ज़ल ‘बरसात इधर है’ इश्क़ की उस तिश्नगी का बयान है जो आँखों में ख़ुदा की मूरत बनकर बस जाती है। सादगी के पीछे छुपी…
Read Moreग़ज़ल कैसे लिखें – Beginners के लिए Step-by-Step Guide
बहुत लोग ग़ज़ल पढ़ते हैं,कुछ लोग ग़ज़ल लिखना भी चाहते हैं,लेकिन ज़्यादातर यहीं अटक जाते हैं—“ग़ज़ल कैसे लिखें ? शुरू कैसे करें?”…
Read Moreबातें मेरे प्रेम की – इज़हार ए दिल की कविता । ग़ाफ़िल
बातें मेरे प्रेम की; उस ज़बान में लिखी है जहाँ ख़याल उर्दू से आते हैं और एहसास हिन्दी में ठहर जाते हैं। यह प्रेम बोलता कम है, मगर…
Read Moreमौसम बरसात का.. रोमांटिक हिन्दी शायरी । ग़ाफ़िल
हर कोई जिसे प्रेम हुआ है, वो भला मौसम बरसात का और उनकी यादों से कैसे इंकार कर सकता है। मौसम बरसात का पे लिखी शायरी उनकी यादों को…
Read Moreज़िन्दगी तुझे सुलझा के जाऊंगा
ज़िन्दगी, प्यार और एहसासों की गहराई पर लिखी यह कविता “ज़िन्दगी तुझे सुलझा के जाऊंगा” हर शेर में संवेदनाओं और इश्क़ की मिसाल पेश…
Read Moreमिजाज़ अच्छे नहीं हैं कुछ..
कुछ दिनों से मिजाज़ अच्छे नहीं हैं कुछ। कोई बड़ी वजह नहीं, बस दिल थोड़ा थका हुआ है। खैरियत पूछी जाती है, मगर दिल की नहीं— और शायद…
Read Moreउसे क्या पता – सामाजिक और आत्मचिंतन की हिन्दी कविता । ग़ाफ़िल
“उसे क्या पता” ग़ाफ़िल की एक मार्मिक हिन्दी कविता है जो व्यक्ति के आंतरिक संघर्ष, निर्णयों की उलझन और उस मौन पीड़ा को…
Read Moreसमय क्या है – दार्शनिक प्रेरणादायक हिन्दी कविता । ग़ाफ़िल
समय क्या है? क्या वह केवल चलता हुआ पहिया है, या हमारे अस्तित्व का आईना? “गाफ़िल” की यह कविता समय, चेतना और स्वयं की खोज पर एक गहन…
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