मौसम बरसात का.. रोमांटिक हिन्दी शायरी । ग़ाफ़िल
हर कोई जिसे प्रेम हुआ है, वो भला मौसम बरसात का और उनकी यादों से कैसे इंकार कर सकता है। मौसम बरसात का पे लिखी शायरी उनकी यादों को दिल में और करीब से महसूस करती है। उनकी यादों के नाम इस बरसात में पेश है कुछ बरसात और मौसम की शायरी।
मौसम तेरे बारे में क्या लिखूँ
जो लिख दूँ तो तू कहीं मेरा मेहबूब ना हो जाए!!
– ग़ाफ़िल
हर्फ़ उनकी आँखों में सज के क्या आया
महफ़िल में मौसमों की बहार हो गई!!
– ग़ाफ़िल
मौसम आँखों से झाँक रहा
बरसात उधर भी हो रही, बरसात इधर भी हो रहा!!
– ग़ाफ़िल
— ग़ाफ़िल
© All Rights Reserved
ऐसी ही विभिन्न पहलुओं पर बेहतरीन हिन्दी शायरी को पढ़ने के लिए Hindi Shayari Category देखें।