ये सावन लगे हमारा – प्यार की कविता । ग़ाफ़िल
बारिश, प्रेम और विरह के एहसासों को बयां करती दिल छू लेने वाली हिंदी कविता “ये सावन लगे हमारा” – सावन की रिमझिम में प्रेम की…
Read Moreमगर आहिस्ते – हिन्दी प्रेम कविता । ग़ाफ़िल
मगर आहिस्ते है न ग़ाफ़िल! तुम्हें कैसे पता की मेरी इबादत, इनायत और नियत सब तुम पर फ़िदा है जो तुम कहते हो मांगों मगर – तुम…
Read Moreमिजाज़ अच्छे नहीं हैं कुछ..
कुछ दिनों से मिजाज़ अच्छे नहीं हैं कुछ। कोई बड़ी वजह नहीं, बस दिल थोड़ा थका हुआ है। खैरियत पूछी जाती है, मगर दिल की नहीं— और शायद…
Read Moreएक मार्मिक प्रेम कविता – बेकार की बातें । ग़ाफ़िल
प्रस्तुत प्रेम कविता “बेकार की बातें” इश्क़, मासूमियत और दिल के जज़्बातों को व्यक्त करती है। यह कविता उन भावनाओं की कहानी है…
Read More