गुलाब जब खिलते है – दिल को छु लेने वाली प्रेम कविता । ग़ाफ़िल
कितनी अजीब कशमकश रहती है न जब हम नए नए जवान होते है जैसे गुलाब जब खिलते है। नई उमंग, नई चाहत और दुनिया को देखने का नया नजरिया।…
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