इतनी ख़ामोशी पहले कभी नहीं देखी – दर्द भरी हिंदी ग़ज़ल । ग़ाफ़िल
यह खूबसूरत हिंदी ग़ज़ल तन्हाई, दर्द और ज़िंदगी की सच्चाई को बयां करती है। पढ़िए “इतनी ख़ामोशी पहले कभी नहीं देखी” – ग़ाफ़िल की…
Read Moreचल तुझे आँखों में – प्रेम ग़ज़ल । ग़ाफ़िल
चल तुझे आँखों में उतार के देखता हूँ; एक भावनात्मक और रूमानी हिंदी ग़ज़ल है, जिसमें मोहब्बत, अपनापन और दिल की सादगी का इज़हार किया…
Read Moreबरसात इधर है_ दर्दभरी हिन्दी ग़ज़ल । ग़ाफ़िल
ग़ज़ल ‘बरसात इधर है’ इश्क़ की उस तिश्नगी का बयान है जो आँखों में ख़ुदा की मूरत बनकर बस जाती है। सादगी के पीछे छुपी…
Read Moreवो किसकी नजर..
यह ग़ज़ल नज़र, नूर और गफलत के उस लम्हे को पकड़ती है जहाँ सादगी भी इश्क़ बन जाती है। आईने से शुरू होकर संगत तक, हर शेर दिल की…
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